सोमेश्वर: जिंदा को मुर्दा दिखाकर बनाया मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक धन व संपत्ति हड़पने का आरोप

अल्मोड़ा/सोमेश्वर। जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर कूट रचित सरकारी मुहर व दस्तावेजों के सहारे फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर बैंक से धनराशि गबन करने और संपत्ति हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित के भाई की तहरीर पर कोतवाली सोमेश्वर पुलिस ने आरोपित के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
ग्राम गुरुड़ा, पोस्ट चनौदा तथा वर्तमान में ग्राम शिवलालपुर, लामाचौड़, तहसील हल्द्वानी निवासी लाल सिंह बोरा ने पुलिस को तहरीर सौंपते हुए बताया कि उनके भाई किशन सिंह बोरा वर्ष 1994 से मुंबई में निवासरत थे। वर्ष 2005 में वह रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे, जिसके बाद 30 जुलाई 2005 को थाना बीपी रोड, मुंबई में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। यह मामला आज तक जांचाधीन है।
लाल सिंह का कहना है कि उनका भाई किशन सिंह बोरा जीवित है और वर्तमान में उत्तराखंड के दुर्गम मंदिरों में साधु के रूप में निवास कर रहा है। आरोप है कि ग्राम गुरुड़ा निवासी महेश बोरा ने वर्ष 2022 में उनके जीवित भाई को मृत दर्शाते हुए वर्ष 2005 में उसकी स्वाभाविक मृत्यु का झूठा विवरण प्रस्तुत कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए।
बताया गया कि आरोपित ने एएनएम की कूट रचित सरकारी मुहर का दुरुपयोग करते हुए फर्जी हस्ताक्षर और अन्य व्यक्तियों को प्रभाव में लेकर 10 फरवरी 2022 को फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वर्ष 2005 में दर्शाई गई मृत्यु पूरी तरह असत्य और फर्जी थी तथा ग्राम गुरुड़ा में किशन सिंह बोरा की मृत्यु का कोई भी प्रमाण नहीं मिला।
पीड़ित ने बताया कि उप जिलाधिकारी सदर, अल्मोड़ा द्वारा मामले की जांच के आदेश थाना सोमेश्वर को दिए गए थे, जिसमें दस्तावेज फर्जी पाए गए। आरोप है कि महेश बोरा ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर बैंक से धनराशि निकालने के साथ ही मृतक दर्शाए गए व्यक्ति की संपत्ति भी हड़प ली, जिससे परिवार को गंभीर आर्थिक और मानसिक क्षति हुई है। कोतवाली सोमेश्वर के प्रभारी निरीक्षक मदन मोहन जोशी ने बताया कि तहरीर के आधार पर आरोपित महेश बोरा के विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गहन जांच की जा रही है।




























