उत्तराखंडः पीआरडी जवानों के लिए अच्छी खबर, बेटियों की शादी के लिए मिलेंगे 50 हजार

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Dehradun News: ननूरखेड़ा स्थित युवा कल्याण निदेशालय मैदान में आयोजित कार्यक्रम में युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने पीआरडी (प्रादेशिक रक्षक दल) जवानों की अहम भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि चुनाव, चारधाम यात्रा या कानून व्यवस्था की समस्याओं में पीआरडी जवानों ने हमेशा अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई है।

मंत्री ने बताया कि अगले साल राज्य का रजत जयंती स्थापना वर्ष मनाया जाएगा, जिसमें पीआरडी जवानों की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण होगी। सरकार ने उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। प्रांतीय रक्षक दल के जवानों की बेटियों की शादी में सरकार 50 हजार रुपये की सहायता देगी। वहीं, सेवानिवृत्त जवानों के व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए जल्द एक केंद्र शुरू किया जाएगा। युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने प्रांतीय रक्षक दल के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में इसकी घोषणा की।

सरकार ने पीआरडी एक्ट में संशोधन कर जवानों की सेवा आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी है। साथ ही, उनका दैनिक मानदेय बढ़ाकर 650 रुपये प्रतिदिन किया गया है। मंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि 2027 से पहले पीआरडी जवानों के मानदेय में और वृद्धि की जाएगी। पहले महिला पीआरडी जवानों को मातृत्व अवकाश का लाभ नहीं मिलता था, लेकिन अब सरकार ने एक्ट में संशोधन कर यह सुविधा प्रदान की है। महिला जवानों को अब 180 दिन का मातृत्व अवकाश मिलेगा, और इस दौरान उनका वेतन भी नहीं कटेगा।

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छात्रवृत्ति और अन्य सुविधाएं
पीआरडी जवानों के बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की व्यवस्था भी की गई है, जिससे उनके परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी। मंत्री ने पीआरडी जवानों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें राज्य विकास में मजबूत स्तंभ बताया।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।