लालकुआँ : बिन्दुखत्ता में 21 से 25 दिसम्बर तक होगा गढ़–कुमु महोत्सव 2025

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लालकुआँ । झांझर सांस्कृतिक कला समिति, बिन्दुखत्ता के तत्वावधान में आगामी 21 दिसम्बर से 25 दिसम्बर 2025 तक “गढ़–कुमु महोत्सव 2025” का आयोजन किया जाएगा। यह सांस्कृतिक महोत्सव श्री हरि गार्डन एवं बैंकट हॉल, तिवारी नगर, बिन्दुखत्ता, लालकुआँ में आयोजित होगा।

आयोजकों के अनुसार, महोत्सव का उद्देश्य कुमाऊँनी एवं गढ़वाली संस्कृति, लोकपरम्पराओं और विलुप्तप्राय लोकविधाओं को संरक्षण एवं प्रोत्साहन देना है। महोत्सव के माध्यम से क्षेत्रीय लोकनृत्य, लोकगीत, जागर–घटेली, शगुन–आंखर, बैर–भगनौल, छोलिया, झोड़ा–चांचरी जैसी परम्परागत विधाओं को मंच प्रदान किया जाएगा।

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारम्भ 21 दिसम्बर को दोपहर 1 बजे शगुन–आंखर के साथ किया जाएगा। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन विद्यालयों के छात्र–छात्राओं द्वारा छोलिया नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके साथ ही ईष्ट देवी–देवताओं की कथाएँ, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा क्षेत्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियाँ दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक होंगी।

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महोत्सव में प्रतिदिन सायं 6 बजे से कुमाऊँनी एवं गढ़वाली कलाकारों की स्टार नाईट का आयोजन भी किया जाएगा। इसके अतिरिक्त पारंपरिक व्यंजन, कवि सम्मेलन एवं लोककथाओं से जुड़े कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस सांस्कृतिक महोत्सव को सफल बनाएँ और पहाड़ की समृद्ध लोकसंस्कृति के संरक्षण में अपनी सहभागिता निभाएँ।

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।