हास्य-रस: लॉकडाउन में छुट्टी

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गजब हुआ लॉकडाउन ये अब तो
घर मे सब हो गए हैं बंद,
सड़कें गलियां सूनी सारी
कॉलेज दफ्तर स्कूल भी बंद…
बच्चे घर में उधम मचाते
नित नई फरमाइश बताते,
दिन भर होता काम ही काम
मिलता नहीं कहीं आराम…
क्या सोम क्या रवि या मंगल
हर दिन हो गए एक समान,
सब कुछ बंद पड़ा है फिर भी
बंद कहाँ हैं घर के काम??
थक कर मैं भी चूर हो गयी
अपना आपा भी मैं खो गयी,
मुझसे न हो इतना काम!!
करो कोई दूसरा इंतज़ाम!!
दिनभर मैं भी थक जाती हूँ
खटती रहती रात और दिन
हाथों हाथ सब पहुंचाती हूँ,
मुझे भी दो छुट्टी का एक दिन!!
पतिदेव ने सुनी जब बात मेरी
पड़ गए उनके माथे पे बल,
सोचा करना होगा अब तो
इस समस्या का कुछ हल…
स्नेह से मुझे फिर पास बिठाया
माथा फिर मेरा सहलाया,
बोले तुम नाराज़ नहीं हो
बैठो ठंडा पानी पी लो…
देखो सूरज चाँद सितारे
हरदम लगते प्यारे-प्यारे,
कभी नहीं ये छुट्टी लेते
हरदम अपना धर्म निभाते….
तुम भी सूरज जैसी उजली
घर को रौशन करती हो,
चंदा जैसी शीतलता से
सबके मन को हरती हो….
खफ़ा हुई जो हमसब से तुम
घर सूना हो जाएगा,
तुम बिन प्रिये!ये घर कैसे
फिर एक मंदिर कहलायेगा…
बातें इनकी सुनकर मेरा
मन आनंदित हो चला,
इतनी सुंदर बातें करना
आयी कहाँ से इन्हें भला!!
मन को थोड़ी राहत आ गयी
झट से उठी और चाय बना दी,
पर मन ही मन सोचा मैंने
मैं मूरख फिर बात में आ गयी….
पतिदेव ने राहत की सांस ली,
युक्ति उनकी काम कर गई
बिगुल बजा था युद्ध का लेकिन
जंग बिना ही जंग जीत ली।।

खुशबू गुप्ता
सहायक अध्यापिका लखनऊ।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।