उत्तराखंडः आठ महीने पहली हुई थी शादी, तिरंगे पर लिपटकर आया घर का इकलौता चिराग

Uttarakhand News: जम्मू कश्मीर के कठुआ में सोमवार को आतंकी हमले में शहीद पांच जवानों के पार्थिव शरीर मंगलवार शाम उत्तराखंड पहुंचे। पांच बेटों की शहादत से उत्तराखंड में शोक की लहर है। पांचों जवानों के पार्थिव शरीर मंगलवार की शाम को देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर पहुंच गए। एयरपोर्ट पर पांचों शहीदों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान सीएम पुष्कर सिंह धामी और सेना के अधिकारियों ने शहीदों के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्रवर्ती और श्रद्धांजलि दी। इसके बाद सेना के वाहनों से जवानों के पार्थिव शरीर उनके घर भेजे गया।
कठुआ में बलिदान हुए रिखणीखाल के डोबरिया (पोस्ट धामधार) निवासी राइफलमैन अनुज नेगी घर के इकलौते बेटे थे। उनकी एक बहन भी है। उनके पिता भारत सिंह वन विभाग में दैनिक कर्मचारी थे। मां सरिता देवी गृहिणी हैं। बताया जा रहा है कि अनुज का आठ महीने पहले नवंबर में विवाह हुआ था। गर्मियों की छुट्टियों में वह घर आए थे और मई के अंत में ड्यूटी पर लौटते समय सर्दियों में फिर से आने का वादा करके गए थे।
अनुज के बलिदान होने की सूचना से पूरे गांव में शोक छाया है। अनुज नेगी के बलिदान की खबर सुनकर पिता भारत सिंह, माता सरिता देवी, पत्नी सीमा देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। घर में उनकी बहन अंजलि का भी बुरा हाल है। उनके बलिदान होने की खबर से कोटद्वार से लेकर रिखणीखाल तक शोक छा गया। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार शाम को जौलीग्रांट से सेना के हेलीकाप्टर से कोटद्वार पहुंच गया है।



















