उत्तराखंडः राज्य में उद्यान की अपार संभावनाएं, छह माह से प्रभावित हुए है विकास कार्यः राजेन्द्र सेमवाल

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Dehradun News: उत्तराखंड प्रगतिशील बागवान एवं कृषक संगठन के अध्यक्ष राजेन्द्र सेमवाल ने एक प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जहां उद्यान की अपार संभावनाएं है लेकिन कुछ ठेकेदार किस्म के लोगों ने विकास कार्यो में बाधा उत्पन्न की है। ऐसे में विकास के कार्य पिछले छह माह से प्रभावित हुए है।

अध्यक्ष राजेन्द्र सेमवाल ने कहा कि सूचना का अधिकार में सूचना लेना किसी भी नागरिक का मौलिक अधिकार है, लेकिन उस सूचना को सरकार के ध्यान में लाने के बाद और उस पर जांच बैठने के बावजूद कोई व्यक्ति छह माह तक लगातार भ्रामक सूचनाएं फैलाकर और मीडिया को तथ्यहीन सूचना उपलब्ध कराकर प्रदेश के लोगों को गुमराह कर रहा है।

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उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारी को बेवजह बदनाम किया जा रहा है। ऐसे लोगों को न तो बागवानों की चिंता है न कृषकों की। ऐसे कार्यों से बागवानों, किसानों ओर कार्मिकों दबाव और नकारात्मक भाव दूर करने लिए हमारे संगठन ने कदम उठाया है। जिससे उत्तराखंड उद्यान जो पिछले दो वर्षों से कुछ नई पहल साथ विकास की गति बढ़ा रहा था उसे बनाया जा सकें। कहा कि बागवानी के लिए शीघ्र ढांचागत सुविधाएं तैयार की जाय। जीवन रक्षक जड़ी-बूटियां को बागवानी के अंदर लाकर खेती करने की अनुमति दी जाय।

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उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में उच्च गुणवत्ता वाली कीवी की पौध के रेट 378 रूपये है जबकि उत्तराखंड में 245 रूपये है। ऐसे में यहां की नर्सरियों में तैयार की गई पौध के रेट शीघ्र बढ़ाये जाय। ताकि किसान उच्च गुणवत्ता वाली पौध तैयार कर सकें। कहा कि वर्तमान नर्सरी नियमावली में जीएसटी रजिस्टेशन अनिवार्य है जबकि फल पौध कार्य पर कोई जीएसटी लागू नहीं होता है। शीघ्र जीएसटी हटाई जाय। इस दौरान संगठन के संरक्षक द्वारिका प्रसाद उनियाल, डाॅ. सुरभि पांडेय, आशीष व्यास आदि शामिल रहे।

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