उत्तराखंड: अब निवास, आय, इन समेत प्रमाण-पत्रों पर नहीं लगाने होंगे अतिरिक्त दस्तावेज, पढ़िए पूरी खबर

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Uttarakhand News: उत्तराखंड की सरकार ई गवर्नेंस की दिशा में अहम कदम उठा रही है लिहाजा प्रदेश सरकार ने ज्यादातर प्रमाण पत्रों के लिए स्वप्रमाणित व्यवस्था अपनाने का फैसला लिया है। लिहाजा लोगों के जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, वारिसान तथा आय प्रमाण पत्र परिवार के डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर बिना अतिरिक्त दस्तावेज दिए मिल जाएंगे।

दरअसल उत्तराखंड सरकार हरियाणा सरकार की तर्ज पर स्थाई नागरिकों को नागरिक सेवाएं देने के लिए परिवार पहचान पत्र बनाने का निर्णय पहले ही ले चुकी है। इसके तहत परिवार के सभी सदस्यों का सभी विवरण के आधार पर विशिष्ट कार्ड तैयार होगा, इसका नोडल विभाग नियोजन को बनाया गया है अब आईटी बिना अतिरिक्त दस्तावेज लगाए ऑनलाइन ही मिल जाएंगे। अब तक इन प्रमाणपत्रों के लिए लोगों को तहसील में आवेदन करना पड़ता था। साथ ही सहायक दस्तावेज भी लगाने पड़ते थे अब स्वप्रमाणित व्यवस्था के तहत परिवार पहचान पत्र में दर्ज डिस्टल विवरण से मिलान के बाद अन्य सदस्यों के प्रमाण पत्र स्वत ही जारी हो जाएंगे।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।