उत्तराखंड: चंपावत में मलबे में दफन हुआ पूरा परिवार, मां-बाप व दो बच्चों के शव बरामद…

खबर शेयर करें

CHAMPAWAT NEWS: बारिश ने पूरे प्रदेश में अपना कहर बरपाया है। सबसे ज्यादा प्रभावित कुमाऊं मंडल रहा है। जहां हर जिले ने आपदा का सामना किया। सबसे ज्यादा आपदा नैनीताल जिले में आयी। वहीं चंपावत के पंचेश्वर के रौसाल क्षेत्र के सुल्लापासम गांव में एक परिवार पूरी तरह से मकान में आए मलबे में दफन हो गया। हादसे में एक ही परिवार के दो बच्चे व माता-पिता की मौत हो गई।

बुधवार को सूचना पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने सभी के शवों को मलबे को बाहर निकाला। जिसके बाद उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि मंगलवार की रात भारी बारिश के के साथ आए मलबे की चपेट में आने से चंपावत के लोहाघाट ब्लॉक के नेपाल सीमा से लगे सुल्ला गांव के एक ही परिवार के चार लोग मलबे में दब गए थे। बुधवार को रेस्क्यू टीम ने चारों शवों को मलबे से निकाला। मृतकों की पहचान कैलाश सिंह 32 वर्ष पुत्र कुंवर सिंह, चंचला देवी 28 वर्ष पत्नी कैलाश सिंह, रोहित सिंह 12 साल और भुवन 8 साल पुत्र कैलाश सिंह के रूप में हुई है।

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।