हल्द्वानी:(बड़ी खबर)-सीसीटीवी खंगालकर मुखानी पुलिस ने खोला चोरी का राज, शातिर आरोपी गिरफ्तार

हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत मुखानी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी के निर्देशन में पुलिस ने चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर करीब 13 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवरात और नगदी बरामद की है।
जानकारी के अनुसार आदर्श कॉलोनी गौड़धड़ा विठोरिया नंबर-1, थाना मुखानी निवासी हेमचंद्र लोहनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह 2 मार्च से 5 मार्च 2026 तक अपने पैतृक गांव थापला ताकुला (जिला अल्मोड़ा) गए हुए थे। 5 मार्च को घर लौटने पर पाया कि अज्ञात चोर घर का ताला तोड़कर अंदर रखे सोने के जेवरात और नगदी चोरी कर ले गया है।
तहरीर के आधार पर थाना मुखानी में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच उप निरीक्षक वीरेंद्र चंद्र को सौंपी गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। इसके बाद एसपी हल्द्वानी मनोज कत्याल के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी रामनगर सुमित पांडेय के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष मुखानी सुशील जोशी के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे करीब 100 से 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर संदिग्ध की पहचान की। साथ ही मैनुअल इंटेलिजेंस के माध्यम से भी जानकारी जुटाई गई।
13 मार्च को पुलिस टीम को हल्दीखाल जाने वाले रास्ते पर एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम गौरव कुमार (25 वर्ष) पुत्र संतोष कुमार निवासी चौपला चौराहा दमुवादुंगा, जवाहर ज्योति काठगोदाम बताया। तलाशी लेने पर उसके पास से चोरी किए गए सोने के आभूषण और नगदी बरामद हुई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामद सामान में मटरनुमा मंगलसूत्र, पाइपनुमा मंगलसूत्र, दो पौंची, नथ व बैग टीका, दो जोड़ी झुमके, ₹2250 नगद और एक सैमसंग एंड्रॉयड मोबाइल फोन शामिल है।
पुलिस के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले भी थाना काठगोदाम में एफआईआर दर्ज है। अन्य थानों से भी उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटाई जा रही है।
चोरी की घटना के सफल खुलासे पर एसएसपी नैनीताल ने पुलिस टीम को ₹2000 नगद इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष सुशील जोशी, उप निरीक्षक वीरेंद्र चंद्र, कांस्टेबल रोहित कुमार, बलवंत सिंह, धीरज सुगड़ा, रविंद्र खाती और एसओजी के कांस्टेबल अरविंद शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार मामले के खुलासे में कांस्टेबल बलवंत सिंह और रोहित कुमार ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच कर संदिग्ध की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।












