हल्द्वानीः आमा-बूबू, दीदी-भुली आज करा ले राशनकार्ड की केवाईसी, नहीं तो…

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हल्द्वानी। जिले के राशनकार्डधारकों पर संकट गहराता नजर आ रहा है। ई-केवाईसी की अंतिम तिथि आज समाप्त हो रही है, लेकिन अब तक केवल 53 प्रतिशत कार्डधारक ही यह प्रक्रिया पूरी कर पाए हैं। ई-केवाईसी नहीं कराने की स्थिति में संबंधित यूनिट निरस्त कर दी जाएगी और राशन की आपूर्ति बंद हो सकती है।

केंद्र सरकार द्वारा लाल व सफेद राशन कार्डधारकों को मुफ्त तथा पीले कार्डधारकों को न्यूनतम दरों पर गेहूं और चावल उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके लिए नवंबर से ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू की गई थी। पहले इसकी अंतिम तिथि एक दिसंबर निर्धारित थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 15 दिसंबर कर दिया गया।

इसके बावजूद जिले में ई-केवाईसी की प्रगति संतोषजनक नहीं रही। पूर्ति विभाग के अनुसार जिले में लगभग दो लाख राशन कार्ड हैं। कुल 9.50 लाख यूनिट में से अब तक केवल 4.99 लाख लोगों ने ही ई-केवाईसी कराई है। वहीं, घर बैठे ई-केवाईसी के लिए प्रस्तावित एप अब तक शुरू नहीं हो पाया है।

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पूर्ति विभाग के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी (एआरओ) विजय जोशी ने बताया कि ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि आज है, हालांकि सोमवार को शासन स्तर से राहत दिए जाने संबंधी आदेश आने की संभावना है।

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उधर, केंद्र सरकार द्वारा जारी की गई अपात्र राशनकार्डधारकों की सूची का सत्यापन भी जारी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिले में कुल 37,080 कार्डधारकों का सत्यापन किया जाना है, जिस पर इन दिनों पूर्ति विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।