बेटे मान तो ,सम्मान हैं बेटियांँ बेटे पहचान तो ,महान हैं बेटियांँ। केसर क्यारी, पिस्ता बादाम हैं बेटियांँ। चोटी है छोटी पर चढ़ जाएं चोटी धरती से अम्बर उड़ान हैं बेटियांँ। घर में थककर चूर होकर आओ पानी का करतीं ख्याल हैं बेटियांँ। दोगे जो हंसके,वो ही लेंगी मांगेंगी कुछ न सयानी हैं बेटियांँ। बेटे को दो चाहे दूध मलाई मक्खन सा पिघला एहसास हैं बेटियांँ। चांद सी सुंदर ,दिल है समुद्र रजनी में भानु का भान हैं बेटियांँ । बेसन के लड्डू और काजू की बर्फी गणेश के मोदक की मिठास है बेटियांँ। विपत्ति की कसौटी उन्होंने कसी हैं मुश्किल घड़ी में मुस्कान हैं बेटियांँ। पुष्पों सी महकतीं ,गूंजे किलकारी रौनक है घर की, शान हैं बेटियांँ। सहनशक्ति धैर्य साहस ले आईं चुप रह सब सहन कर जाती हैं बेटियांँ उड़ रहीं अब उड़ान छू रहीं आसमान नाज है हमको हमारी भी हैं बेटियांँ।।
समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।