Congratulations पहाड़ प्रभात: संघर्ष से सफलता तक पांच साल का सफर

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Many congratulations : 1 अप्रैल 2021 का वह दिन आज भी यादगार है, जब “पहाड़ प्रभात” की नींव रखी गई। यह सिर्फ एक न्यूज पोर्टल की शुरुआत नहीं थी, बल्कि एक ऐसे सपने की उड़ान थी जो कठिन परिस्थितियों में जन्मा और संघर्षों के बीच पला-बढ़ा।

कोरोना काल ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। नौकरी का स्थायित्व खत्म हो रहा था और भविष्य अनिश्चितताओं से भरा था। ऐसे समय में नौकरी छोड़कर खुद का काम शुरू करना किसी चुनौती से कम नहीं था। लेकिन कहते हैं कि कठिन समय ही इंसान को अपनी असली ताकत पहचानने का मौका देता है। यही सोचकर मैंने ने एक नया कदम उठाया और न्यूज पोर्टल की दुनिया में उतरने का फैसला किया।

शुरुआत आसान नहीं थी। संसाधनों की कमी, तकनीकी दिक्कतें और लोगों तक पहुंच बनाने की चुनौती हर दिन सामने खड़ी रहती थी। कई बार ऐसा लगा कि शायद यह रास्ता सही नहीं है, लेकिन हौसले और विश्वास ने कभी हार नहीं मानने दी। धीरे-धीरे मेहनत रंग लाने लगी और “पहाड़ प्रभात” ने अपनी एक अलग पहचान बनानी शुरू कर दी।

समय के साथ न केवल न्यूज पोर्टल मजबूत हुआ, बल्कि इसे और व्यापक रूप देने के लिए “पहाड़ प्रभात” के नाम से पाक्षिक समाचार पत्र की भी शुरुआत की गई। यह कदम इस बात का प्रतीक था कि अब यह सिर्फ एक डिजिटल मंच नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय समाचार स्रोत बन चुका है।

इस सफर की एक खास बात यह भी रही कि “पहाड़ प्रभात” नाम को चुनने में पूरा एक महीना लगा। यह नाम केवल एक पहचान नहीं, बल्कि पहाड़ों की आवाज, उनकी संस्कृति और वहां की समस्याओं को सामने लाने का एक माध्यम बन गया। आज यह नाम हजारों पाठकों के दिलों में बस चुका है।

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पिछले पांच वर्षों में “पहाड़ प्रभात” ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन हर चुनौती को पार करते हुए आगे बढ़ता रहा। इस दौरान पाठकों का जो प्यार और विश्वास मिला, वही इसकी सबसे बड़ी ताकत बना। खबरों की सटीकता, निष्पक्षता और जमीनी जुड़ाव ने इसे लोगों के बीच खास स्थान दिलाया।

इस सफलता के पीछे विज्ञापनदाताओं का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके सहयोग और विश्वास ने इस सफर को आसान बनाया और “पहाड़ प्रभात” को मजबूती दी। यह सिर्फ एक व्यक्ति की मेहनत नहीं, बल्कि एक सामूहिक प्रयास का परिणाम है। आज जब “पहाड़ प्रभात” अपने पांच साल पूरे कर चुका है, तो यह केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत भी है। आने वाले समय में और बेहतर, तेज और विश्वसनीय खबरें देने का संकल्प इस मंच को और ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

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अंत में, मैं, संपादक “पहाड़ प्रभात”, सभी पाठकों, शुभचिंतकों और विज्ञापनदाताओं का दिल से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इस सफर को संभव बनाया। यह पांच साल का सफर इस बात का प्रमाण है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मुश्किल राह को आसान बनाया जा सकता है। जीवन राज, संपादक “पहाड़ प्रभात”

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।