अल्मोड़ा: अंकिता भंडारी मामले में भाजपा नेता त्रिलोक लटवाल का इस्तीफा

अल्मोड़ा। अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी को अल्मोड़ा में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता त्रिलोक लटवाल ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में एक कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बावजूद पार्टी के कई नेता चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि कुछ लोग उस व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से बधाइयां देते नजर आ रहे हैं, जिससे उन्हें गहरा आघात पहुंचा है।
त्रिलोक लटवाल ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उन्होंने 37 वर्षों तक जिस पार्टी को अपना जीवन समर्पित किया, उसी पार्टी के भीतर इस तरह का रवैया देखकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि उनकी भी बेटी है और अंकिता भी उनकी बेटी जैसी थी, इसलिए अब वह बिना किसी राजनीतिक दबाव के अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ेंगे।


उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी राजनीतिक स्वार्थ से नहीं, बल्कि एक बेटी को न्याय दिलाने के संकल्प के तहत है। यह लड़ाई राजनीति से ऊपर उठकर इंसानियत की है और वह इसमें पूरी मजबूती से अपनी आवाज उठाएंगे।
गौरतलब है कि त्रिलोक लटवाल लंबे समय से संगठनात्मक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। वे अल्मोड़ा छात्र संघ के उपाध्यक्ष, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अल्मोड़ा, भाजयुमो के प्रदेश व जिला स्तर पर कई पदों पर रह चुके हैं। इसके अलावा वे सरपंच वन पंचायत देवली, क्षेत्र पंचायत सदस्य दुगालखोला, जिला सहकारी बैंक अल्मोड़ा के पूर्व डायरेक्टर और जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य भी रह चुके हैं।
अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर उनका यह कदम राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस इस्तीफे के बाद भाजपा के भीतर असंतोष और तेज हो सकता है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में एक जिला पंचायत सदस्य ने भी इसी मामले को लेकर इस्तीफे की घोषणा की थी, जिससे पार्टी के भीतर घमासान के संकेत मिल रहे हैं।

















