कोटाबाग: डॉ. नीतू कार्की की मुहिम से ग्रामीण क्षेत्र में आयुर्वेद को मिल रही नई दिशा

कोटाबाग। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के माध्यम से कोटाबाग विकासखंड के ग्रामीण क्षेत्र रानीकोटा में अत्यंत कम शुल्क पर निरापद एवं प्रभावी आयुर्वेदिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है। चिकित्सालय द्वारा विशेष रूप से संधि रोगों जैसे संधिवात, गठिया, गाउटी आर्थराइटिस (वातरक्त) के सफल उपचार की सुविधा दी जा रही है, जिससे क्षेत्र के अनेक मरीजों को राहत मिली है।
चिकित्साधिकारी डॉ. नीतू कार्की ने बताया कि आयुर्वेद पद्धति के माध्यम से जोड़ों के दर्द, सूजन और जकड़न जैसी समस्याओं का जड़ से उपचार संभव है। नियमित औषधि सेवन, पंचकर्म चिकित्सा और जीवनशैली में सुधार के माध्यम से रोगियों को दीर्घकालिक लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एलोपैथिक दवाओं के दुष्प्रभाव से बचते हुए आयुर्वेदिक उपचार सुरक्षित और प्रभावकारी विकल्प साबित हो रहा है।
संधि रोगों के अतिरिक्त चिकित्सालय में पथरी (स्टोन), बवासीर (पाइल्स), पाचन संबंधी रोग, महिलाओं से जुड़े रोग, श्वास-कास (दमा, खांसी) तथा त्वचा संबंधी एलर्जी का भी सफल उपचार किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समय-समय पर स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है।
डॉ. कार्की के अनुसार अब तक आयोजित शिविरों एवं नियमित उपचार के माध्यम से 1000 से अधिक रोगी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का लाभ उठाएं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए चिकित्सालय से संपर्क करें।



















