अल्मोड़ा: सोमेश्वर में आशा वर्करों का धरना, श्रम कानून वापसी और मानदेय वृद्धि की उठाई मांग

सोमेश्वर। हुकुम सिंह बोरा शहीद स्मारक पर आज आशा वर्करों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने हाल ही में लागू किए गए श्रम कानून को वापस लेने तथा अपने मानदेय में वृद्धि की मांग प्रमुखता से उठाई।
धरने में शामिल आशाओं ने कहा कि वे वर्षों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रही हैं। कोविड काल सहित विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में उन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहकर जिम्मेदारियां निभाईं, बावजूद इसके उन्हें पर्याप्त मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उनका कहना था कि नए श्रम कानून से उनके अधिकार प्रभावित हो रहे हैं, जिसे वे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगी।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगी। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
धरना-प्रदर्शन के दौरान नीता पाटनी, विजय लक्ष्मी दोसाद, सुनीता खाती, निर्मला बोरा, दीपा बोरा, भावना खाती, बीना जोशी, हेमा सैजारी, पुष्पा जोशी और जानकी देवी सहित बड़ी संख्या में आशा वर्कर उपस्थित रहीं।



















