उत्तराखंड: गांव पहुंचा शहीद योगंबर सिंह का पार्थिव शरीर, हर आंख हुई नम, बेसुध हुई मां और पत्नी…

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TEHRI NEWS: उत्तराखंड को यूं ही वीरों की भूमि नहीं कहा जाता है। यहां घर-घर में फौजी है जो भारत मां की रक्षा के लिए अपना बलिदान देने को तैयार रहता है। पुछ में उत्तराखंड के दो जवान शहीद हो गये। आज शहीद पोखरी विकासखंड के सांकरी गांव निवासी सैनिक योगंबर सिंह का पार्थिव शव रुद्रप्रयाग सैनिक कैंप पहुंच गया। रविवार को पैतृक घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

बता दें कि राइफलमैन योगंबर सिंह पुत्र बीरेंद्र सिंह भंडारी 17 गढ़वाल राइफल्स में तैनात थे। वर्तमान में वह सेना की 48 आरआर रेजीमेंट में जम्मू-कश्मीर में तैना थे। विगत 14 अक्तूबर की रात पुंछ में आतंकियों से मुठभेड़ में योगंबर सिंह शहीद हो गए थे। शहीद का पार्थिव शरीर आर्मी के वाहन से रुद्रप्रयाग पहुंच गया है। पार्थिव शरीर को सैनिक कैंप रुद्रप्रयाग में रखा गया है।

शहीद का पार्थिव शरीर रविवार को उनके गांव सांकरी लाया जाएगा। जिसके बाद पैतृक घाट निगोमदी नदी किनारे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शहीद की याद में परिजनों के आंसू नहीं थम रहे हैं। योगंबर की मां हर समय बेटे को ही पुकार रही है। योगंबर के दीपावली पर घर आने की राह देख रहे पूरे परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट गया है। योगंबर की मां जानकी देवी और पत्नी कुसुम बेसुध हैं। योगंबर के पिता वीरेंद्र भंडारी के भी आंसू नहीं थम रहे हैं। पूरे सांकरी गांव में शोक का माहौल है।

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।