उत्तराखंड: एक हफ्ते बाद घर आने का था वादा, शनिवार को तिरंगे में लिपटकर आयेगा इकलौते बेटे का पार्थिव शरीर…

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UTTARAKHAND NEWS: जम्मू के पूंछ जिले के नाढख़ास में आतंकवादियों से मुठभेड़ में टिहरी गढ़वाल के राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी और चमोली के राइफलमैन योगंबर सिंह शहीद हो गये। शनिवार को दोनों शहीदों का पार्थिव शरीर उनके गांव लाए जाएंगे। टिहरी के विमाण गांव निवासी 26 वर्षीय राइफलमैन विक्रम सिंह नेगी के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शुक्रवार सुबह 11 बजे पार्वती देवी को फोन पर पति विक्रम सिंह नेगी के शहीद होने की सूचना मिली।

विक्रम अपने घर का इकलौता बेटा था। उनकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। शहादत की खबर के बाद से ही विक्रम की 95 वर्षीया दादी रुकमा देवी, मां बिरजा देवी और पत्नी पार्वती बेसुध हैैं। 22 अक्टूबर को विक्रम को फिर घर आना था। उनके घर में पूजा रखी गई थी, लेकिन इससे पहले ही उनके शहीद होने खबर आ गई। हमेशा की तरह गुरुवार शाम छह बजे भी उन्होंने व्हाट्सअप पर पत्नी और मां से बातचीत की थी। विक्रम ने बताया था कि पूजा के लिए वे 22 अक्तूबर को घर पहुंच जाएंगे। लेकिन बेटे के शहीद होने की खबर मिलते ही परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।

विमाण गांव निवासी साब सिंह नेगी के इकलौते बेटे विक्रम सिंह पांच साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। तीन साल पहले ही विक्रम की शादी हुई थी। डेढ़ माह पहले ही विक्रम कुछ दिनों की छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। बातचीत में विक्रम ने वादा किया था कि 22 अक्तूबर को पूजा के लिए वह घर पहुंच जाएंगे। उन्होंने मां और पत्नी से पूजा की तैयारी करने को भी कहा।

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।