बेतालघाट में भगदड़ प्रकरण: शीलू कुमार ने दी सफाई, कहा परमिशन थी, दबाव में हुआ मुकदमा

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हल्द्वानी। हाल ही में बेतालघाट क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ को लेकर दर्ज मुकदमे पर समाजसेवी शीलू कुमार ने प्रेस वार्ता कर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए अनुमति ली गई थी और उसकी प्रतिलिपि उनके पास उपलब्ध है।

शीलू कुमार का आरोप है कि परमिशन होने के बावजूद पुलिस ने दबाव में आकर मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, जो पूरी तरह निराधार है। यदि न्याय नहीं मिला तो मैं अदालत जाऊंगा। उन्होंने यह भी कहा कि अनुमति की कॉपी संबंधित विभागों को भेजी गई थी, इसके बावजूद उन पर बिना परमिशन कार्यक्रम करने का आरोप लगाया गया।

बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए जा रहे थे। बड़ी संख्या में लोग पहुंचने से अफरा-तफरी की स्थिति बनी और भगदड़ की खबर सामने आई। पुलिस ने मामले में लापरवाही और बिना अनुमति आयोजन करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया।

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इससे पहले प्रशासन की ओर से कहा गया था कि आयोजकों ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए थे। वहीं स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, आयोजन स्थल पर अपेक्षा से अधिक भीड़ पहुंचने से हालात बिगड़े।

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शीलू कुमार ने कहा कि वह समाजसेवी कार्यकर्ता के रूप में गरीबों की मदद कर रहे थे।जरूरतमंदों को कंबल बांटना कोई अपराध नहीं है। अगर भीड़ ज्यादा हो गई तो उसमें प्रशासन को भी सहयोग करना चाहिए था। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।