सोमेश्वर विधानसभा 2027ः कांग्रेस के नए दावेदार की एंट्री से बढ़ी सियासी हलचल

सोमेश्वर। उत्तराखंड की आरक्षित सोमेश्वर विधानसभा सीट पर वर्ष 2027 के चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। एक नए चेहरे के दावेदार के रूप में उभरने के बाद अब यहां मुकाबला रोचक होने के आसार नजर आने लगे हैं। कांग्रेस खेमे में नए दावेदार की चर्चाओं ने न सिर्फ कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा है, बल्कि सियासी समीकरणों को भी नई दिशा दे दी है।
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस का एक मजबूत चेहरा सोमेश्वर सीट से चुनावी मैदान में उतर सकता है। खास बात यह है कि जमीनी कार्यकर्ता भी इस चेहरे को प्रत्याशी बनाए जाने के पक्ष में नजर आ रहे हैं। ऐसे में यदि कांग्रेस इस दांव को खेलने में सफल होती है, तो सोमेश्वर में उसकी वापसी की संभावनाएं प्रबल मानी जा रही हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि परंपरागत रूप से यह सीट कांग्रेस का गढ़ रही है और सही रणनीति के साथ पार्टी यहां फिर से परचम लहरा सकती है।
इतिहास गवाह, कांग्रेस का रहा है दबदबा
आंकड़ों पर नजर डालें तो सोमेश्वर विधानसभा सीट का इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। वर्ष 2002 के पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदीप टम्टा ने भाजपा को 883 मतों से हराकर जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2007 और 2012 में भाजपा के अजय टम्टा ने लगातार दो चुनाव जीतकर सीट पर कब्जा जमाया। वर्ष 2009 में प्रदीप टम्टा के लोकसभा में जाने के बाद कांग्रेस के टिकट पर राजेंद्र बाराकोटी ने उपचुनाव लड़ा, हालांकि वह तीसरे स्थान पर रहे। 2014 में अजय टम्टा के लोकसभा पहुंचने के बाद रिक्त हुई सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस की रेखा आर्या ने जीत दर्ज की।
दल-बदल और बदले समीकरण
इसके बाद वर्ष 2017 का चुनाव सोमेश्वर की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब रेखा आर्या कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गईं। भाजपा प्रत्याशी के रूप में उन्होंने कांग्रेस के राजेंद्र बाराकोटी को 710 मतों से पराजित किया, यहां काफी कम अंतर से कांग्रेस हारी। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की रेखा आर्या को 25,260 मत मिले, जबकि कांग्रेस के राजेंद्र बाराकोटी को 20,320 मतों से संतोष करना पड़ा। भाजपा ने यह मुकाबला 4,940 मतों के अंतर से जीता। अब नये चेहरे के साथ कांग्रेस सोमेश्वर में अपनी वापसी करने की तैयारी में जुटी है।
2027 की सुगबुगाहट तेज
अब 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस एक नए और प्रभावशाली चेहरे पर दांव खेलने की तैयारी में दिख रही है। कार्यकर्ताओं के बीच इस चेहरे को लेकर सकारात्मक माहौल बन रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले कुछ महीनों में इस दावेदार के चेहरे से पर्दा उठ सकता है। कुल मिलाकर, सोमेश्वर विधानसभा सीट पर 2027 का चुनाव केवल दलों के बीच नहीं, बल्कि रणनीतियों और नए नेतृत्व की परीक्षा भी साबित होगा। नए दावेदार की एंट्री ने यह साफ कर दिया है कि इस बार सोमेश्वर की लड़ाई आसान नहीं होने वाली। मुकाबला तगड़ा और दमदार होगा।

































