शाबास भुली : ड्राइवर की बेटी ने रचा इतिहास, गरुड़ की नेहा बनीं ITBP में असिस्टेंट कमांडेंट

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बागेश्वर। जिले के गरुड़ क्षेत्र के छोटे से गांव हवील कुलवान की बेटी नेहा कांडपाल ने अपनी मेहनत, लगन और मजबूत हौसले के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ग्राम पंचायत हवील कुलवान निवासी नेहा का चयन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हुआ है। उनकी सफलता की खबर मिलते ही परिवार के साथ-साथ पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।

सीमित संसाधनों में हासिल किया बड़ा मुकाम

नेहा कांडपाल के पिता नारायण दत्त कांडपाल पेशे से ड्राइवर हैं, जबकि माता आशा देवी गृहिणी हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली नेहा ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य को कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया। उनकी सफलता ने माता-पिता के साथ पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।

जवाहर नवोदय विद्यालय से शुरू हुई सफलता की राह

नेहा ने हाईस्कूल की शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, सीमार से पूरी की। इसके बाद उन्होंने राइका सिरकोट से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपने लक्ष्य को लेकर गंभीरता दिखाई और लगातार मेहनत करती रहीं। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और देश के महत्वपूर्ण सुरक्षा बलों में शामिल ITBP में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर चयन हुआ।

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गांव की बेटी की सफलता पर जश्न

नेहा के चयन की खबर मिलते ही हवील कुलवान गांव में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों, परिचितों और शुभचिंतकों ने परिवार को बधाई देते हुए नेहा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों का कहना है कि नेहा ने अपने माता-पिता का नाम रोशन करने के साथ ही क्षेत्र के युवाओं के सामने भी सफलता की प्रेरक मिसाल पेश की है।

छोटे गांव से देश सेवा के बड़े मुकाम तक

नेहा की सफलता यह साबित करती है कि मंजिल हासिल करने के लिए बड़े संसाधनों से ज्यादा जरूरी मजबूत इरादा, निरंतर मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण है। ड्राइवर पिता की बेटी से ITBP की असिस्टेंट कमांडेंट बनने तक का उनका सफर उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे गांवों और सीमित साधनों से बड़े सपने देखते हैं। नेहा ने अपनी उपलब्धि से यह संदेश दिया है कि हौसले बुलंद हों तो गांव की पगडंडी से निकलकर देश सेवा के सर्वोच्च मुकाम तक पहुंचा जा सकता है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।