Health Tips: आलू का ये देसी नुस्खा, कुछ ही दिनों में साफ होगी गर्दन

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Health Tips: गर्दन का कालापन सिर्फ दिखने में खराब नहीं लगता, बल्कि यह आपकी पर्सनैलिटी को भी फीका कर देता है। पसीना, धूल-मिट्टी, धूप में ज्यादा देर रहना, केमिकल वाले स्किन प्रोडक्ट्स और कई बार कुछ स्वास्थ्य समस्याएं—ये सभी वजहें गर्दन की त्वचा को डार्क और बेजान बना देती हैं। गर्मियों में तो पसीना और धूल-मिट्टी मिलकर गर्दन पर मैल की परत जमा देते हैं, जिससे स्किन सांस नहीं ले पाती और रंग और भी गहरा हो जाता है। लंबे समय तक यूवी किरणों के संपर्क में रहने से टैनिंग भी हो जाती है। यही नहीं, कुछ लोग इस कारण इतने असहज हो जाते हैं कि खुले गले वाले कपड़े पहनने से भी कतराने लगते हैं।

लेकिन राहत की बात है कि इस समस्या का हल महंगे पार्लर ट्रीटमेंट में नहीं, बल्कि आपकी रसोई में ही छुपा है। कुछ आसान और असरदार घरेलू नुस्खों से आप घर बैठे ही गर्दन के कालेपन को दूर कर सकते हैं और त्वचा को दोबारा निखार सकते हैं।

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हल्दीदूध और शहद का पैक

एक चम्मच हल्दी में थोड़ा दूध और आधा चम्मच शहद मिलाएं। इस पैक को गर्दन पर लगाकर 10-15 मिनट छोड़ दें। धोने के बाद त्वचा पर प्राकृतिक चमक आ जाएगी।

ओट्स और गुलाबजल से स्क्रब

ओट्स को बारीक पीस लें और उसमें गुलाबजल मिलाकर पेस्ट जैसा स्क्रब तैयार करें। इसे गर्दन पर हल्के हाथों से रगड़ें। इससे डेड स्किन सेल्स हट जाएंगे और त्वचा मुलायम हो जाएगी।

टमाटर और नींबू का मिक्स

एक टमाटर को पीस लें और उसमें नींबू का रस मिलाएं। इसे गर्दन या कोहनी के काले हिस्सों पर लगाएं। कुछ देर बाद धो दें, त्वचा में ताजगी और निखार दिखने लगेगा।

दही और नींबू का सीरम

दही और नींबू का रस बराबर मात्रा में मिलाकर गर्दन पर मलें। यह न सिर्फ कालापन कम करता है बल्कि त्वचा को चमकदार और मुलायम भी बनाता है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।