हल्द्वानीः CSE एवं SOC द्वारा तकनीकी उन्नति एवं कौशल विकास पर ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित

Haldwani News: कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (CSE) विभाग तथा स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग (SOC) के संयुक्त तत्वावधान में Central Tool Room & Training Centre (CTTC), भुवनेश्वर के सहयोग से “तकनीकी उन्नति एवं कौशल विकास” विषय पर एक ज्ञानवर्धक सत्र का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises, भारत सरकार के अंतर्गत आयोजित हुआ।
उभरती तकनीकों पर विशेष जोर
सत्र का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), डीप लर्निंग तथा जनरेटिव AI जैसी उन्नत एवं उभरती तकनीकों से परिचित कराना था। विशेषज्ञों ने बताया कि ये तकनीकें वर्तमान में विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही हैं और भविष्य में इन क्षेत्रों में दक्ष पेशेवरों की मांग तेजी से बढ़ने वाली है। विद्यार्थियों को इन तकनीकों के व्यावहारिक अनुप्रयोगों और करियर संभावनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में दो विशिष्ट संसाधन व्यक्तियों ने अपने अनुभव साझा किए।
शिव शंकर कुमार प्रसाद (इंजीनियर – डिज़ाइन) ने टूल डिज़ाइन, औद्योगिक प्रशिक्षण और तकनीकी नवाचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने इंडो-जर्मन टूल रूम एवं CTTC भुवनेश्वर में अपने आठ से अधिक वर्षों के अनुभव के आधार पर छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान की महत्ता समझाई। उन्होंने टूल डिज़ाइन से संबंधित अपने प्रकाशित शोध पत्रों तथा तीन डिज़ाइन पेटेंट की जानकारी भी साझा की।
देबाश्री साहू, जो CTTC भुवनेश्वर में AI-ML एवं डेटा एनालिटिक्स की वरिष्ठ फैकल्टी हैं, ने AI और ML के वर्तमान रुझानों, आवश्यक कौशलों और करियर अवसरों पर विस्तार से चर्चा की। वे UI/UX डिज़ाइनर होने के साथ-साथ Google Developer Groups Bhubaneswar की कोर डिज़ाइन टीम की सदस्य भी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने और नवाचार आधारित सीखने की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
अकादमिक और उद्योग के बीच सेतु
इस सत्र का उद्देश्य अकादमिक शिक्षा और उद्योग के बीच की खाई को पाटना तथा विद्यार्थियों को भविष्य उन्मुख कौशलों से सशक्त बनाना था। कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक रहा। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और तकनीकी क्षेत्र में अपने करियर को नई दिशा देने की प्रेरणा प्राप्त की। इस अवसर पर परिसर निदेशक डॉ. एम.सी. लोहानी ने अपने संदेश में कहा कि डिजिटल युग में तकनीकी कौशल का निरंतर उन्नयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित न रखते हुए उन्हें उद्योग के अनुरूप व्यावहारिक एवं शोध आधारित शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने CTTC के साथ इस सहयोग को विद्यार्थियों के लिए लाभकारी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन कमलेश पडलिया द्वारा किया गया।



















