बोर्ड परीक्षा में गजब का हाल, “सर, फेल मत करना, मम्मी रील बनाना छुड़वा देंगी”

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यूपी बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिए छात्र अब उत्तर पुस्तिकाओं में ज्ञान से ज्यादा भावनाओं का सहारा ले रहे हैं। मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों को ऐसी चटपटी अपीलें पढ़ने को मिल रही हैं, जिन्हें देखकर उनकी हंसी छूट रही है। “सर, फेल मत करना, वरना मम्मी रील बनाना छुड़ा देंगी,” — ये किसी सोशल मीडिया लवर छात्र की फरियाद है, जो अपनी मां की सख्ती से डरता है। जाहिर है कि छात्र की मां उसे पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए रील्स बनाने से रोकती होंगी।

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किसी ने तो हद ही कर दी, “गुरुजी, मुझे पास नहीं किया तो मम्मी-पापा मेरी शादी करा देंगे, जबकि मैं आगे पढ़ना चाहती हूं!” इस अपील से परीक्षकों को न केवल मनोरंजन मिला, बल्कि छात्रों की मासूमियत भी झलक उठी। इतना ही नहीं, कुछ छात्रों ने एक्सीडेंट का बहाना बनाया तो किसी ने पारिवारिक समस्याओं का रोना रोया। एक छात्र ने लिखा, “सर, मैं परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाया, कृपया मुझे पास कर दो, नहीं तो मेरा जीवन बर्बाद हो जाएगा।”

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मेरठ जिले में पांच मूल्यांकन केंद्रों पर तेजी से कॉपियों की जांच चल रही है। मंगलवार तक 2 लाख 30 हजार 481 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हो चुका है। हाईस्कूल की 18,522 और इंटर की 66,202 कॉपियों का मूल्यांकन अब भी बाकी है।परीक्षक भी मानते हैं कि इन भावनात्मक अपीलों के बावजूद कॉपियों में लिखी गई सामग्री के आधार पर ही नंबर दिए जाएंगे। हालांकि, छात्रों की ये मासूम फरमाइशें लंबे समय तक यादगार किस्सों के रूप में ज़रूर याद रहेंगी।

जीवन राज (एडिटर इन चीफ)

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।