उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा: गणित में गायब रहे बच्चे, 10वीं व 12वीं में सबसे अधिक बच्चों ने छोड़ा हिन्दी का पेपर

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रामनगर। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं 21 फरवरी से जारी हैं और अब तक छह दिनों में कुल 13 परीक्षाएं संपन्न हो चुकी हैं। इस दौरान कई परीक्षाओं में परीक्षार्थियों की अनुपस्थिति दर्ज की गई, जिसमें हिंदी विषय में सबसे अधिक छात्र परीक्षा से अनुपस्थित रहे।

शुक्रवार को आयोजित हाईस्कूल गणित विषय की परीक्षा में पंजीकृत 77,548 परीक्षार्थियों में से 2,337 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी, जबकि शेष विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया।

बोर्ड सचिव विनोद सिमल्टी के अनुसार अब तक हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर पर हिंदी विषय की परीक्षा में सबसे अधिक अनुपस्थिति दर्ज की गई है। हाईस्कूल हिंदी में 1,11,936 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 1,08,577 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 3,359 छात्र अनुपस्थित रहे।

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इंटरमीडिएट हिंदी परीक्षा में 99,541 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 97,016 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 2,525 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।

बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम के तहत शनिवार को इंटरमीडिएट स्तर पर मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र, गणित, कृषि वनस्पति विज्ञान द्वितीय प्रश्नपत्र (केवल कृषि भाग-2) तथा कृषि अर्थशास्त्र सप्तम प्रश्नपत्र (केवल कृषि भाग-2) की परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं हाईस्कूल में गृह विज्ञान विषय की परीक्षा होगी, जिसमें प्रश्नपत्र-1 केवल बालिकाओं के लिए तथा प्रश्नपत्र-2 बालकों एवं उन बालिकाओं के लिए निर्धारित है जिन्होंने इसे अनिवार्य विषय के रूप में नहीं चुना है।

पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।