बड़ी खबर: नैनीताल में टैक्सी व मैक्सी वाहनों के लिए नई SOP जारी, दो चरणों में होगा सत्यापन

नैनीताल: जिले में ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी नैनीताल वंदना ने टैक्सी, मैक्सी, ई-रिक्शा और टू व्हीलर टैक्सी वाहनों के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है।
इस SOP के अंतर्गत नैनीताल नगर में संचालित सभी संबंधित वाहनों और उनके चालकों का सत्यापन अनिवार्य होगा। सत्यापन प्रक्रिया की निगरानी के लिए उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है।

सत्यापन दो चरणों में
वाहनों के सत्यापन की प्रक्रिया दो चरणों में होगी:
- पहले चरण में उन टैक्सी वाहनों का सत्यापन होगा जिन्हें 3 जुलाई 2017 से पहले परमिट मिला है।
- दूसरे चरण में 3 जुलाई 2017 के बाद परमिट प्राप्त वाहनों का सत्यापन किया जाएगा।
वाहन स्वामी/चालकों को सत्यापन के समय वाहन के साथ उपस्थित होना होगा और वैध ड्राइविंग लाइसेंस, दो पहचान पत्र (जैसे आधार, वोटर आईडी, पासपोर्ट), पासपोर्ट साइज फोटो प्रस्तुत करनी होगी। टू व्हीलर टैक्सी के मडगार्ड, बंपर और चालक का हेलमेट अनिवार्य रूप से पीले रंग का होगा।
वाहन पार्किंग और संचालन के नियम
जिन लोगों के पास दो या अधिक टैक्सियों के परमिट हैं, उन्हें अपने सभी वाहनों के पार्किंग स्थल और चालकों की जानकारी समिति को लिखित रूप में देनी होगी। किसी भी वाहन को माल रोड या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पार्क नहीं किया जाएगा।
सत्यापन के बाद वाहन चालक को एक परिचय पत्र दिया जाएगा। टू व्हीलर टैक्सी में अधिकृत चालक के अलावा केवल एक ही सवारी बैठ सकेगी और दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा।
वाहन पर अनिवार्य विवरण
टैक्सी/मैक्सी वाहनों के पीछे बाईं ओर बड़े अक्षरों में वाहन स्वामी का नाम, मोबाइल नंबर, परमिट संख्या और फिटनेस की वैधता लिखना जरूरी होगा। इसके अलावा वाहन के अंदर और बाहर 112 (आपातकालीन सेवा), 100 (पुलिस हेल्पलाइन), 108 (एम्बुलेंस सेवा), और 1091 (महिला हेल्पलाइन) नंबर भी स्पष्ट रूप से अंकित किए जाएंगे।
चालक का आचरण और वर्दी
वाहन चालकों को संचालन के समय निर्धारित वर्दी पहननी होगी। बालिकाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के साथ उनका व्यवहार सौम्य और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने वाला होना चाहिए। यह SOP नैनीताल में यातायात व्यवस्था को सुधारने के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।











