हल्द्वानी: राष्ट्रीय खेलों के समापन के बाद शुभंकर मौली का स्वागत, राष्ट्रीय फलक पर छाया उत्तराखंड

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Haldwani News: 38वें राष्ट्रीय खेलों के समापन के उपरांत इनके आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे शुभंकर “मौली” का शासकीय आवास पर भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रीय खेलों में मौली की मौजूदगी न केवल आयोजन की शोभा बढ़ाने वाली रही, बल्कि इसके चयन ने गहरे सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक महत्व को भी दर्शाया।

मौली का स्वरूप उत्तराखंड के राज्य पक्षी मोनाल से प्रेरित है, जो हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है। मोनाल के पंखों के रंग—नीला, हरा, बैंगनी, लाल और भूरा—प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ विविधता में एकता का संदेश भी देते हैं। ये रंग यह प्रदर्शित करते हैं कि विभिन्न संस्कृतियों, परंपराओं और विचारों के बावजूद समाज में सामंजस्य और एकता ही सबसे बड़ी ताकत होती है।

राष्ट्रीय खेलों के मंच से उत्तराखंड ने पूरे देश को यह संदेश दिया कि खेल न केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन करने का माध्यम हैं, बल्कि यह राष्ट्रीय एकता, समानता और आपसी भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। उत्तराखंड ने खेलों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को संजोने का भी संदेश दिया।

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इस आयोजन में भाग लेने वाले खिलाड़ियों और प्रतिनिधियों के मन में यह भावना गहराई से अंकित हुई कि खेलों का महत्व केवल प्रतिस्पर्धा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को एकजुट करने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने का एक सशक्त माध्यम भी है।

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पहाड़ प्रभात डैस्क

समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री के साथ (MAJMC) पत्रकारिता और जनसंचार में मास्टर की डिग्री। पत्रकारिता में 15 वर्ष का अनुभव। अमर उजाला, वसुन्धरादीप सांध्य दैनिक में सेवाएं दीं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म में समान रूप से पकड़। राजनीतिक और सांस्कृतिक के साथ खोजी खबरों में खास दिलचस्‍पी। पाठकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाना उनकी लेखनी की खासियत है। अपने लंबे करियर में उन्होंने ट्रेंडिंग कंटेंट को वायरल बनाने के साथ-साथ राजनीति और उत्तराखंड की संस्कृति पर लिखने में विशेषज्ञता हासिल की है। वह सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर ही नहीं, बल्कि एक ऐसे शख्स हैं जो हमेशा कुछ नया सीखने और ख़ुद को बेहतर बनाने के लिए तत्पर रहते हैं। देश के कई प्रसिद्ध मैगजीनों में कविताएं और कहानियां लिखने के साथ ही वह कुमांऊनी गीतकार भी हैं अभी तक उनके लिखे गीतों को कुमांऊ के कई लोकगायक अपनी आवाज दे चुके है। फुर्सत के समय में उन्हें संगीत सुनना, किताबें पढ़ना और फोटोग्राफी पसंद है। वर्तमान में पहाड़ प्रभात डॉट कॉम न्यूज पोर्टल और पहाड़ प्रभात समाचार पत्र के एडिटर इन चीफ है।